कविता की समझ

भारद्वाज, देवयानी (2018) कविता की समझ. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 1 (1). pp. 56-68.

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Abstract

प्रस्तुत लेख भाषा शिक्ष ण में कविता की ज़गह, उसे समझने के नज़रि ए, कविता को उपयोग में लाए जाने के तौर तरीकों के सन्दर्भ में स्कूली शिक्ष क को मदद मि ल सके इस दिशा में एक प्रयास है। लेख, कविता क्या है, आरम्भिक कक्षाओं में भाषा शिक्ष ण के क्या उद्दे श्य हैं व इनमें कविता शिक्ष ण की क्या जगह है और भाषा शिक्ष ण में विभि न्न स्तरों पर कविता का इस्ते माल कि स तरह हो सकता है इन सभी के सन्दर्भ में विस्ता र से चर्चा करता है। लेख बताता है कि प्राथमि क और माध्यमि क कक्षाओं में कविता शिक्ष ण होता है, लेकि न बच्चे यह एहसास नहीं कर पाते कि कविता है क्या ? क्योंकि शिक्ष कों का यह ी मानना होता है कि भाषा तो बच्चे तभी सीखेंगे जब उन्हें मात्राओं और अक्षरों का ज्ञान होगा और माध्यमि क कक्षाओं में ज़ोर होता है कविता की व्या ख्या पर। देवय ानी ने अपनी बात को ठोस रूप से रखने के लि ए कविताओं की ही मदद ली है जि ससे लेख में कही गई बातों के नि हितार्थ समझने में मदद मि लती है। सं.

Item Type: Articles in APF Magazines
Uncontrolled Keywords: Language education, School teacher, Poetry, Literature
Subjects: Social sciences > Education > Curricula
Divisions: Azim Premji University > University publications > Paathshaala Bhitar Aur Bahar
Depositing User: Mr. Sachin Tirlapur
Date Deposited: 01 Mar 2020 06:55
Last Modified: 01 Mar 2020 06:56
URI: http://publications.azimpremjifoundation.org/id/eprint/2202
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