कक्षा में बातचीत होने तो दीजिए!

, सुनीता (2019) कक्षा में बातचीत होने तो दीजिए! Paathshaala Bhitar aur Bahar, 1 (2). pp. 106-112.

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Abstract

आमत ौर पर कक्षाओं में बच्चों को बातचीत करने की अनुमति नहीं होती। बातचीत को शोर सम झा जाता है या शिक्षक की बात की अवहेलना और दोनों ही आमत ौर पर अनुशास नहीनता मा ने जात े हैं। अतः बच्चों की इस स्वा भावि क प्रवृति को पोषित न करते हुए, उन्हें बार–बार चुप रहने को कहा जाता है। अनुभव आधारित यह लेख, भाषा सीखने में बातचीत की अहमियत को दर्शाता है। बच्चों के सा थ बातचीत करना क्यों जरूरी है, कक्षा में बच्चों के सा थ कि न कि न मौकों पर, किस किस मा ध्यम से बातचीत की शुरुआत की जा सकती है, और किस तरह की बातचीत की जा सकती है और बच्चे इस दौरान क्या –क्या सीख सकते हैं इन सभी के बारे में लेख वि स्तार से चर्चा करता है। सं.

Item Type: Articles in APF Magazines
Uncontrolled Keywords: Education, Elementary School, Classroom education, Classroom interaction, Language learning
Subjects: Social sciences > Education
Divisions: Azim Premji University > University publications > Paathshaala Bhitar Aur Bahar
Depositing User: Mr. Sachin Tirlapur
Date Deposited: 05 Mar 2020 09:12
Last Modified: 05 Mar 2020 09:13
URI: http://publications.azimpremjifoundation.org/id/eprint/2230
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