विज्ञान की प्रयोगों से रिश्ते दारी क्यों ? : वि ज्ञान शिक्षकों के साथ कार्य करने के कुछ अनुभव

, अर्चना (2019) विज्ञान की प्रयोगों से रिश्ते दारी क्यों ? : वि ज्ञान शिक्षकों के साथ कार्य करने के कुछ अनुभव. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 2 (3). pp. 86-94.

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Abstract

वि ज्ञान एक ऐसा विष य है जि सके बारे में सोचते ही आधुनि क प्रयोगशाला ओं, कुछ पेड़– पौधों, कुछ उपकरणों आदि के चित्र सामने आ जाते हैं। वि ज्ञान को लेकर हर व्यक ्ति की अपनी राय होती है। कुछ इसे प्रगति और वि कास से जोड़ते हैं, तो कुछ वि नाश और तबाही से। कहीं पर इसे अन्धवि श्वा सों को दूर करने के माध्यम और तर्कश ील होने के रूप में देखा जाता है, तो कहीं इसे परम्पराओं और मूल्यों का सर्व नाश करने के लिए ज़ि म्मेदा र ठहराया जाता है। कि सी भी चीज़ को देखने के नज़रि ए में विवि धता तो होती ही है और होनी भी चाहि ए। यहाँ हम इन बि न्दुओं पर सीधेतौर पर चर्चा करने की बजाए, स्कूलों में वि ज्ञान शिक्षण की यथार्थ स् थिति को देखते हुए कुछ शिक्षकों द्वारा कि ए गए कार् यों की चर्चा करेंगे। इस लेख में मैंने वि ज्ञान विष य में काम करने के अपने कुछ महीनों के अनुभवों को समेकि त करने की कोशिश की है। इन अनुभवों में न सिर्फ़ वि द्याल य भ्रमण की बातों को शामिल कि या है, बल्कि शिक्षकों के साथ कार ्य करने के विभि न्न मंचों जैसे— संकुल बैठक, टीचर लर्न िंग सेण्टर की परिचर्चा ओं, कार ्यशाला ओं, बाल –मेला आदि के दौरान हुई बातचीत को भी शामिल कि या है।

Item Type: Articles in APF Magazines
Uncontrolled Keywords: Education, Science, Science education, Science teaching
Subjects: Social sciences > Education
Divisions: Azim Premji University > University publications > Paathshaala Bhitar Aur Bahar
Depositing User: Mr. Sachin Tirlapur
Date Deposited: 09 Mar 2020 04:12
Last Modified: 09 Mar 2020 04:26
URI: http://publications.azimpremjifoundation.org/id/eprint/2249
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