शिक्षकों में समूह अधिगम और सहभागिता को समर्थ बनाना :यादगीर (कर्नाटक), अल्मोडा (उत्तराखंड) और किवारली (राजस्थान) के कुछ मामलों का अध्ययन

(APF), Azim Premji Foundation (2020) शिक्षकों में समूह अधिगम और सहभागिता को समर्थ बनाना :यादगीर (कर्नाटक), अल्मोडा (उत्तराखंड) और किवारली (राजस्थान) के कुछ मामलों का अध्ययन. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 2 (4). pp. 128-148.

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Abstract

उत्तर-पूर्व कर्नाटक में स्थित यादगीर देश के के सामने तीनों जा पर सरकारी स्कूल के वां सबसे वंचित ज़िलों में से एक है।' उत्तराखंड का के सामने काम करने के लिए अलग- ढंग अल्मोड़ा ज़िला हिमालय की कुमारऊँनी पहाड़ियों. 7 लेकिन एक चुनौतीपूर्ण वातावरण है। इसके पर समुद्र से 1800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वजूद, इन पहलक दमियाँ तीनों जगहों पर रे तमाम ऐसी है, जहाँ ज़्यादातर छोटे-छोटे कस्बे और गाँव क़दमियाँ देखने को मिलती हैं, जहाँ बिना हैं। पीने के लिए साफ़ पानी, बिजली व स्वास्थ्य. किसी प्रशासनिक आदेश या बाहरी प्रोत्साहन से जुड़ी बुनियादी सुविधाएँ यहाँ बमुश्किल ही के ख़ुद अपनी आन्तरिक प्रेरणा से, शिक्षक एक उपलब्ध हैं। किवारली राजस्थान के सिरोही साथ आने के और अपने पेशेवर विकास के ज़िले के आबू रोड ब्लॉक का एक छोटा-सा नए-नए तरीके ढूँढ़ रहे हैं।

Item Type: Articles in APF Magazines
Uncontrolled Keywords: Education, School education, School, Government schools, Case study, Women educators, Teachers, Women teachers forum
Subjects: Social sciences > Education
Divisions: Azim Premji University > University publications > Paathshaala Bhitar Aur Bahar
Depositing User: Mr. Sachin Tirlapur
Date Deposited: 14 May 2020 06:13
Last Modified: 14 May 2020 06:13
URI: http://publications.azimpremjifoundation.org/id/eprint/2340
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