गणित के क्यों डरना

द्विवेदी, रजनी (2022) गणित के क्यों डरना. Paathshaala Bhitar aur Bahar, 4 (11). pp. 82-90. ISSN 2582-4836

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Abstract

गणित सीखने की प्रक्रिया बच्चों के संज्ञानात्मक विकास की स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। आसपास के साथ अन्तःक्रिया ही गणित को सीखने का साधन बनती है। लेकिन अकसर गणित सीखने की प्रक्रिया इस तरह दुरूह, अप्रिय और डरावनी हो जाती है कि गणित विषय से ही एक दूरी–सी बन जाती है। शुरुआत से ही इस विषय सेदोस्ती, अपनापन और सहजता बनाए जानेकी ज़रूरत है। लेखिका ने अपने आलेख में आम जीवन के सामान्य उदाहरणों और व्यवहार सेइन बातों पर विस्तार सेबात की है।

Item Type: Articles in APF Magazines
Authors: द्विवेदी, रजनी
Document Language:
Language
Hindi
Uncontrolled Keywords: Mathematics, Education, Teaching
Subjects: Natural Sciences > Mathematics
Divisions: Azim Premji University > University Publications > Pathshala Bheetar Aur Bahar
Full Text Status: Public
URI: http://publications.azimpremjifoundation.org/id/eprint/3439
Publisher URL:

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